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परिचय

साहित्य व्यक्ति को संस्कारित बनाता है। वैश्वीकरण के दौर में तो साहित्य की और भी उपयोगिता बढ़ गयी है। आज व्यक्ति बाजारीकरण के फेर में धीरे-धीरे स्वयं बाजार की एक वस्तु बनता जा रहा है। आज व्यक्ति बाजार से खरीदी गयी पहली वस्तु के उपभोग से पूर्व ही दूसरी वस्तु की खरीद के प्रति प्रयासरत होने लगा है। ऐसे में वह पहली वस्तु का समुचित उपभोग कभी नही कर पाता। प्राप्ति की इस भागदौड में व्यक्ति अपने संस्कारों के संरक्षण के लिए चिंतित हो उठता है। ऐसी सूरत में वह मात्र साहित्य को ही आशा भरी दृष्टि से देखता है और उसमें डूबकर स्वयं को संतुष्ट पाता है।
सद् साहित्य के प्रकाशन के पुनीत लक्ष्य को लेकर १ नवम्बर, २००६ को चूरू में एकता प्रकाशन की शुरुआत की गयी। एकता प्रकाशन ने राजस्थानी व हिन्दी में अब तक अनेकों पुस्तकों का प्रकाशन किया है। एकता प्रकाशन की पुस्तकें 'इंटरनेशनल स्टेंडर्ड बुक नंबर' (आई एस बी एन) युक्त हैं।
एकता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तकों की एक झलक 'प्रकाशित साहित्य' शीर्षक पर क्लिक कर देखी जा सकती है।
एकता प्रकाशन का डाक का पता है- एकता प्रकाशन, गाँधी नगर, पोस्ट- चूरू -३३१००१ राजस्थान (भारत)
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